याद
क्या बतलाऊं तुम्हे कि
तुम्हे कितना याद करती हूँ I
हर आहट पर ठहर जाती हूँ ,
कि लगता है तुम आने वाले हो I
शाम होते ही सवार जाती हूँ ,
कि लगता है तुम आने वाले हो I
पलके भी नहीं झपंकने देती हूँ,
कि लगता है तुम आने वाले हो I
रात सोते हुए हुड़क जाती हूँ
कि लगता है तुम आने वाले हो I
क्या बतलाऊं तुम्हे कि
तुम्हे कितना याद करती हूँ I
हर ज़र्रे से पुचा करती हूँ
कि क्या तुम आने वाले हो I
कण -कणमें ढूंढा करती हूँ
कि क्या तुम आने वाले हो I
सूरज की पहली किरण से सवाल करती हूँ
कि क्या तुम आने वाले हो I
रात की ख़ामोशी में सोचा करती हूँ
कि क्या तुम आने वाले हो I
तुम्हे कितना याद करती हूँ I
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