जू ही पहर बदलेगा , पहरेदार गद्दार बनेंगे ,
तेरी लाश पर से गुज़र कर , सरदार बनेंगे |
मुखौटे पर मत जाना , तुम्हें मौके पर नज़रअंदाज करेँगे ,
तुम्हारा खज़ाना लूट कर , नुमाईश बिंदास करेंगे |
पहचान लेना हरकतों से , चुपके से दिल में वास करेंगे ,
किनारा मिलते ही तुम्हारा भरी मैफिल में उपहास करेंगे |
स्वार्थ के लिए , कथनी और करनी में भेदभाव करेंगे ,
ज़रूरत पड़ने पर बड़ी ही सहजता से अलगाव करेंगे |
तुम्हारा सब कुछ छीन कर तुम्हें बर्बाद करेंगे,
तुम्हारे लहू से दिया जलाकर अपना घरोंदा आबाद करेंगे |
पलकों पर बिठाने का सपना दे कर , तुम्हारा इस्तेमाल करेंगे ,
जब मतलब निकल जाये , तो दूर से ही इस्तकबाल करेंगे |
मुनासिफ है कि पहले ही सतर्क हो जाओ ,
किसी को कभी इतना मौका मत दो ,
पहली गलती से सबक ले कर हट जाओ ,
कम से कम अपने आप को तो धोखा मत दो |
आँचल चौधरी
तेरी लाश पर से गुज़र कर , सरदार बनेंगे |
मुखौटे पर मत जाना , तुम्हें मौके पर नज़रअंदाज करेँगे ,
तुम्हारा खज़ाना लूट कर , नुमाईश बिंदास करेंगे |
पहचान लेना हरकतों से , चुपके से दिल में वास करेंगे ,
किनारा मिलते ही तुम्हारा भरी मैफिल में उपहास करेंगे |
स्वार्थ के लिए , कथनी और करनी में भेदभाव करेंगे ,
ज़रूरत पड़ने पर बड़ी ही सहजता से अलगाव करेंगे |
तुम्हारा सब कुछ छीन कर तुम्हें बर्बाद करेंगे,
तुम्हारे लहू से दिया जलाकर अपना घरोंदा आबाद करेंगे |
पलकों पर बिठाने का सपना दे कर , तुम्हारा इस्तेमाल करेंगे ,
जब मतलब निकल जाये , तो दूर से ही इस्तकबाल करेंगे |
मुनासिफ है कि पहले ही सतर्क हो जाओ ,
किसी को कभी इतना मौका मत दो ,
पहली गलती से सबक ले कर हट जाओ ,
कम से कम अपने आप को तो धोखा मत दो |
आँचल चौधरी