Sunday, November 20, 2016

ज़ज़्बात


खुद के लिए तेरा पागलपन देख कर मैं पागल हो जाऊँ,
तू मेरी ज़मीन तो मैं  तेरे लिए बदल बन जाऊँ ,
 तू कहे तो तेरे लिए लहराता आँचल बन जाऊँ ,
गर ख्वाब सजाने हो तो आँखों का काजल बन जाऊँ |

कभी हस्ती , तो कभी रुलाती है ,
तेरी याद मुझे हरसू सताती है ,
तुम पास रहो, रूह यही मानती है ,
तेरी एक झलक पाने, मीलों खिंची चली आती है |

मुझे अपने बना लो, अब रहा नहीं जाता आपके बिन ,
साथ रहना है सदा , हर पल, हर पहर , हर रात दिन,
इन दूरियों में गया है सब मेरा चैन करार छीन,
अब हम हम न रहे ,कुछ भी नहीं है हम तुम बिन |


ज़िंदा थी, पर अब तुम्हारे साथ जीना चाहती हूँ,
हम दूर न जाये बस यही सोच कर डर जाती हूँ ,
आपसे यह दिल का रिश्ता पूरी शिददत से निभाती हूँ,
आप पहले क्यों न मिले बस यही सोच कर पछताती हूँ |

आँचल चौधरी

जाते जाते


कभी खामोश हो जाऊं तो ,
शक मुझ पर नहीं , सवाल अपने आप से करना |

दूर जो कर लूँ खुद को तुमसे ,
मेरे चले जाने का अफ़सोस बिलकुल भी न करना |

जिसने सब कुछ माना तुमको,
मज़ाक में भी उसके एहसासों को नज़रअंदाज़ न करना |

जो बेहिसाब प्यार की दौलत दें,
उसे वक़्त न दें कर, समय को कही और बर्बाद न करना |

जिसे परवाह नहीं उसके लिए ,
अपनी चाहतो और ख्वाइशों का निवेश न करना |

बातों से बहलाना तो ठीक है,
कितना कड़वा ही सही पर, सच बताने से न डरना |

एक दूजे की दुनिया थे हम कभी,
भीड़ या महफ़िल में अकेलापन महसूस न करना |

प्यार से कह दोगे, तो हमेशा के लिए चली जाऊंगी,
मेरे इस मासूम दिल से खिलवाड़ न करना |

मीठी यादों में काट जाएगी ज़िन्दगी ,
फरेब और धोखे की तलवार से वार न करना |


आज लफ्ज़ साथ नहीं हमारे,
किसी के वादों पर ऐतबार न करना |

बहुत कोशिश की कि न जाऊं दूर,
जहाँ ठहराव न हो वहां , इंतज़ार न करना |

दिल आज खुद को समझाता है कि-
किसी और से वफ़ा की उम्मीद न करना |

आँचल चौधरी

ज़ज़्बा - ज़िन्दगी की हार नहीं होती |



तुम  हार के मत बैठ जाओ ,
एक नाकामयाबी से ज़िन्दगी की हार नहीं होती |

मेहनत  से सींचो जीवन   को  ,
बिना  सींचे जीवन  की बगिया में बहार नहीं होती |

चलना  कभी मत छोड़ना  यारों ,
निकलो सफर पर बेधड़क, बारिशें हर बार नहीं होती |

नाउम्मीद हो कर लौट न जाना ,
खटखटाओ क्योंकि हर दरवाजे के पीछे दीवार नहीं होती |

मौजे  तो अपनी मौज  में है ,
हासिल न  होता साहिल जब तक धुन सवार नहीं होती |

मायूसी  को  दिल में न आने  दो ,
दिल से की गयी कोशिशें कभी बेकार नहीं होती |

मीलो का सफर रोज़ चलने से कटता है ,
एक दिन में मंज़िल तक पहुंचा दे, ऐसी रफ़्तार नहीं होती |

पोंछ लो खुद आंसूयों को,
गम की नुमाईश से मायूस हर बाजार नहीं होती |

ख्वाईशों को पंख लगा के उड़ने दो,
सिर्फ सोच  कभी भी औज़ार नहीं होती |

बस  अपनी बुनियाद मज़बूत  रखना  ,
यूँही तपिश या आँधीयों से ईमारतें बीमार नहीं होती |

खुद  से बेहतर  बन  जाओ  बस,
दूसरों से मुकाबले से अपनी दुनिया गुलज़ार नहीं होती |

भरोसा  रखना खुद पर हमेशा ,
आत्म -विश्वास  की दीवार  में दारार नहीं होती |

आँचल चौधरी