कभी खामोश हो जाऊं तो ,
शक मुझ पर नहीं , सवाल अपने आप से करना |
दूर जो कर लूँ खुद को तुमसे ,
मेरे चले जाने का अफ़सोस बिलकुल भी न करना |
जिसने सब कुछ माना तुमको,
मज़ाक में भी उसके एहसासों को नज़रअंदाज़ न करना |
जो बेहिसाब प्यार की दौलत दें,
उसे वक़्त न दें कर, समय को कही और बर्बाद न करना |
जिसे परवाह नहीं उसके लिए ,
अपनी चाहतो और ख्वाइशों का निवेश न करना |
बातों से बहलाना तो ठीक है,
कितना कड़वा ही सही पर, सच बताने से न डरना |
एक दूजे की दुनिया थे हम कभी,
भीड़ या महफ़िल में अकेलापन महसूस न करना |
प्यार से कह दोगे, तो हमेशा के लिए चली जाऊंगी,
मेरे इस मासूम दिल से खिलवाड़ न करना |
मीठी यादों में काट जाएगी ज़िन्दगी ,
फरेब और धोखे की तलवार से वार न करना |
आज लफ्ज़ साथ नहीं हमारे,
किसी के वादों पर ऐतबार न करना |
बहुत कोशिश की कि न जाऊं दूर,
जहाँ ठहराव न हो वहां , इंतज़ार न करना |
दिल आज खुद को समझाता है कि-
किसी और से वफ़ा की उम्मीद न करना |
आँचल चौधरी
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