Monday, August 19, 2013

बस में नहीं



तुम्हे सबसे ज्यादा  न चाहूँ , ये मेरे बस में नहीं ।
बदले में तुम्हारा प्यार पाऊं , ये मेरे बस में नहीं ।
 तुम्हे अपने प्यार का एहसास कराऊँ , ये मेरे बस में नहीं ।
तुम्हारे सिवा  किसी और को  चाहूँ ,ये मेरे बस में नहीं ।

तुम्हारी मुस्कराहट देख कर भी न खुश रह पाऊं , ये मेरे बस में नहीं ।
तुम्हे परेशान देख कर सुकून से रह पाऊँ , ये मेरे बस में नहीं ।
तुम्हारे लिए कुछ भी न कर पाऊँ ,ये मेरे बस में नहीं ।
अपने हिस्से का प्यार न निभाऊं ,  ये मेरे बस में नहीं ।

ख्याल से भी तुम्हारा ख्याल ना लाऊँ ,ये मेरे बस में नहीं ।
ज़जबातों को सबसे छुपा पाऊं ,  ये मेरे बस में नहीं ।
तुमसे दूर चली जाऊं ,  ये मेरे बस में नहीं ।
दिल कहीं और लगाऊँ , ये मेरे बस में नहीं ।

खुद को बदल पाऊँ , ये मेरे बस में नहीं ।
तुम्हारी याद में पलके न बीछाऊँ , ये मेरे बस में नहीं ।
सूखी  सूनी  आखों  से न अश्क  बहाऊँ , ये मेरे बस में नहीं ।
फिर भी तुम्हे माफ़  न कर पाऊँ , ये मेरे बस में नहीं ।
क्यूंकि
तुम्हे सबसे ज्यादा न चाहूं ,ये मेरे बस में नहीं ।

आँचल चौधरी 

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