जाने क्या बात है कि तेरा ख्याल मेरे ख्याल से जाता नहीं ,
यूँ ही तो हर किसी के चेहरे में चांद नज़र आता नहीं ,
न कोई महफ़िल या कोई और शख्स दिल को भाता नहीं ,
तेरी आवाज़ के सिवा किसी और का स्वर अब लुभाता नहीं ,
तेरे ज़िक्र से ही गुदगुदा के खुद को चादर में यूँही छुपाता नहीं ,
कुछ तो है बात ,वर्ना तेरी याद में दिल यूँ पलके बिछाता नहीं ।
क्यूँ याद आती है दिव्यरूपी आशीष स्वरुप तेरे प्यार की ,
हर पल बढती जा रही है ख़ुमारी मेरे यार की ,
वो बातों में मनाना ,किसी बात पे इनकार की ,
कभी मीठे सी बात तो कभी प्यारी टकरार की,
तुमसे मिलने का सुरूर, वो घडी इज़हार की,
बस देर है तो तेरी हाँ की , तेरे ऐतबार की ।
आँचल चौधरी
यूँ ही तो हर किसी के चेहरे में चांद नज़र आता नहीं ,
न कोई महफ़िल या कोई और शख्स दिल को भाता नहीं ,
तेरी आवाज़ के सिवा किसी और का स्वर अब लुभाता नहीं ,
तेरे ज़िक्र से ही गुदगुदा के खुद को चादर में यूँही छुपाता नहीं ,
कुछ तो है बात ,वर्ना तेरी याद में दिल यूँ पलके बिछाता नहीं ।
क्यूँ याद आती है दिव्यरूपी आशीष स्वरुप तेरे प्यार की ,
हर पल बढती जा रही है ख़ुमारी मेरे यार की ,
वो बातों में मनाना ,किसी बात पे इनकार की ,
कभी मीठे सी बात तो कभी प्यारी टकरार की,
तुमसे मिलने का सुरूर, वो घडी इज़हार की,
बस देर है तो तेरी हाँ की , तेरे ऐतबार की ।
आँचल चौधरी

1 comment:
bahut hi pyari aur bahut hi khoobsoorat rachna.
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