Friday, February 26, 2010

Thoughtful/Sarcastic : जानलेवा फ्लू का वायरस

ऐसा छाया जानलेवा फ्लू का वाइरस,
कि मॉल्स-मल्टीप्लेक्स सब हो गये नीरस,
यदि आपको गलती से भी गई खासी,
तो समझो सारी जनता उलटी दिशा भागी |

डॉक्टरों की तो है चांदी, बरस रही है फीस,
एक रूपया का मास्क बिकता है रूपया बीस,
कितना भी कोई करीबी हो, ये ज़रूर कहेगा
कि "ओह, टेक केयर, प्लीज डू नॉट स्नीज",
हर कोई ढूंढें ,कि बस मिल जाये
कोई रुमाल, टिश्यू या पुरानी कमीज़ |
मुह पे बांध कर तौबा करें कि
' ओहो,ये जानलेवा फ्लू , उफ़ ये क्या चीज़ |

बच्चे- बूढ़े सभी ने
लगाये हैं मास्क के नकाब,
मनो कह रहें हों कि लेट जाईये
ऑपरेशन करने को तैयार हैं जनाब,
न्यूज़ चैनल्स दिन-रात बस लगाते रहते हैं
वायरस से होने वाली मौतों का हिसाब ,
लेकिन गौर फरमायें तो पाएंगे कि
हालात वाकई हैं ख़राब ---

देश में पड़ रहा सूखा है,
हर तीसरा किसान सोता भूखा है,
महँगाई का काँटा आसमान छूता है,
आम कर्मचारी संशोधित तन्खा लेने से चूका है |

पाकिस्तानी घुसपैठ से हम पहले ही परेशांन हैं,
ऊपर से आया ये जीवडून बना हैवान है,
बेनकाब घूम रहे आतंक -वादियों
को ढूँढना  क्या आसान है?
जो अदृश्य वायरस बन बैठा नया मेहमान है |

मंदी के इस दौर में
बीमार होने का अतिरिक्त भार
आखिर कौन उठाएगा,
ये वायरस तो आज है,
कल परसों में चला ही जायेगा |
पर इन सब मुसीबतों से
हमें कौन बचायेगा  ?

1 comment:

Unknown said...

Keep it up Aanchal. I know its a special talent of writing, preserve it and polish it.